Paaji
वैसे उम्र तो गुजारी हमने
पर ऐसी मजबूरी ना देखी पाजी
भाई को खोया हमने
पर ऐसा दर्द ना देखा पाजी
बेहद मुहहबत है इस लोहे से
किसी और के लिए तरसा नहीं पाजी
आप खुदा हो मेरे, रहम करो
इल्जाम कुछ भी नहीं आप पे पाजी
गुनाह कुछ तो किया होगा हमने
वरना तीन साल से सजा क्यों मिली पाजी
आप के लिए दुआ ही दुआ है
खुश रहो, फलो फूलों आप पाजी
वाहे गुरु आपको करम दे
मेरा गाड़ी मुझे दिला दो पाजी
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