मोदी


तेरे आकार से नहीं 
तेरे सरकार से नहीं
तेरे कर्म से भयभीत 
हैं शत्रु तेरे मोदी

बीत गया वह समय जब 
शत्रु विदेशी हुआ करता था
दुर्भाग्य तेरा की आज
वह तेरे घर का निवासी है

पुत्र है तू इस धरती का 
योगी है तू अपने कर्म का
न रुकना तू कभी 
न थकना तू कभी

अज्ञात है वह 
जो तुझसे अपरिचित है
निंदा मैं तेरे
उनका जीवन समर्पित है

तेरा मंज़िल तेरी राह है
तेरा शक्ति तेरा निष्काम भाव है
जग ने तुझे जान लिया
पर तेरे अपने तुझसे अजांन है

झोला लेके आया था
तू झोला लेके जायेगा
कीचड़ लाछंन वृष्टि होगी
तू विजयी होके जाएगा

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