कोई ऐैसा
क्या कोई ऐैसा तुम्हारी नज़रों में कभी आया था जिसने देश के लिए इतना जान गँवाया था करने दो न यार वह कर रहा है काम मिलेगा ज़रूर उसके हर दम का दाम ऐसी क्या आँधी आयी कि तुम्हारी आँखों की रोशनी चली गई ऐसा क्या तूफ़ान आया कि सेवक में तुम्हें शैतान नज़र आया ना तुम्हें वो ज़बरन हिंदू बनाएगा ना गाय के नाम पे तुम्हारी क़त्ल करवाएगा मत गढ़ों झूठी कहानियां उसके नाम से ज़मीर से पूछो हिसाब उसके काम के वो तो जान लड़ाने आया है जान लड़ाके जाएगा कुछ करने की ठान ली है कुछ करके ही जाएगा