Posts

Showing posts from March, 2022

Haan main Hindu hoon

हां मैं हिंदू हूं इस देश का जिसे एक हिंदू ने मारा है गैरों ने तो बदन को छल्लि किया अपनों ने यहां रूह कुचल दिया है इस देश का जन्मा हूं मैं मिट्टी इसकी मुझमें है बसी फिर भी कट रहा हूं हर रोज मैं खामोश तमाशा देखता है कोई खून से लथपथ यह बदन मेरा चीख चीख के रूह पुकारे अपनों ने दफना दिया मुझे जिंदा था मैं, जबरन सुला दिया अब कहां कहां की बात सुनाऊं किस किस किस्से की याद दिलाऊं कश्मीर में घर छूट गया, बेटा भी बंगाल में बेटी थी, बहन ने लूट लिया केरल में धर्म छूट गया, बेटा बिक गया गोआ में पूरा परिवार बिखर गया मेरे धर्म को मुझसे छीन लिया मेरे मंदिर मूरत को तोड़ दिया आवाज़ देता हूं, कोई सुनता नहीं पुकारता कब से में, कोई आता नहीं किस धुन में हो, ओ सोने वालों मां की लाज खतरे में है, अब उठ भी जाओ अब न जागोगे, तो कब न जग पाओगे अब न उट्ठोगे तो कब न उठ पाओगे हां मैं हिंदू हूं इस देश का जिसे एक हिंदू ने मारा है