किस्सा एक किस्सेवाले की
तेरे हर किस्से में एक कहानी है
याद हर लम्हा तुझे ज़ुबानी है
कभी खुद जिया, कभी देखा जीते हुए
बहरहाल बयानेअंदाज़ यकीनन रूमानी है
कोई सुनले जो किरदार का चेहरा तुझसे
झुर्रियां तक नज़र आजाती पेशानी में है
दर्द, कभी हंसी, हर फितरत, हर उमंग
धड़कन के हर पहलु को सूना तू जाता है
एक आईना धरे ठहरा हूँ तेरे सामने
इसमें किस्सा है और एक किस्सेवाला है
याद हर लम्हा तुझे ज़ुबानी है
कभी खुद जिया, कभी देखा जीते हुए
बहरहाल बयानेअंदाज़ यकीनन रूमानी है
कोई सुनले जो किरदार का चेहरा तुझसे
झुर्रियां तक नज़र आजाती पेशानी में है
दर्द, कभी हंसी, हर फितरत, हर उमंग
धड़कन के हर पहलु को सूना तू जाता है
एक आईना धरे ठहरा हूँ तेरे सामने
इसमें किस्सा है और एक किस्सेवाला है
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