बेटी भी तू, और मां भी तू
बेटी भी तू, और मां भी तू
अपनी मां को तूने जन्मा
अपनी बच्ची को भी तूने जन्मा
तुझी से शुरू, तुझी तक खत्म परिवार है
इस धरती ने तुझे पूजा भी
यहीं पे ही तेरा तिर्रस्कार हुआ
हर रोज़ हर पल तूने इसे जिया
इन नाज़ुक कंधों से क्या क्या ना उठाया
कब समझ पाएंगे लोग तुझे
ना मैं जानता हूं ना शायद और कोई
बस इसी तरह मुस्कुराती रह
दुआ हर खुदा देगा पहुंचेगा हर खुदा तक
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