दोस्त मेरा सलामत रहे
यह वह भरोसा है जिसपे बाज़ी लगाई जाती है
यह वह जुबां है जिसपे क़ुर्बानी दी जाती है
यह वह धागा है जो खंजर से भी नहीं कटती है
दोस्ती मेरा फक्र है, दोस्ती मेरा गुरूर है
जब तक ज़मीर ज़िंदा है, तब तक दोस्ती सलामत है
दोस्ती मेरा काबा है, दोस्ती मेरा कलमा है
यह वह रिश्ता है कंधे का जो खाख होने तक साथ है
नशा है, सुरूर है, हया है,
हर मोड़ हर धड़कन से वाक़िफ़ है
हर रिश्ते से जुदा है, किसी दायरे से बंधा नहीं है
इसका मिज़ाज बचपना है, अंदाज़ मस्ताना है
हर दर्द का मरहम है, हर कदम का रफ़्तार है
महफ़िल का हम जाम है, हर राज़ का हमराज़ है
यह वह रंग है होली का, जो हर ईद में शामिल है
हर दोस्त मेरा सलामत रहे, खुदा से एहि मेरी इल्तेजाः है
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