दो थे भाई थे

Context: A close friend of mine, when he narrated the horrors of partition, the separation, the journeys, and the things that never change. India-Pakistan

दो थे भाई, एक यहां, एक वहाँ 
एक दुसरे से अनजान थे 
फिर भी, भाई थे 

वह एक नहीं थे , बहुत ज़्यादा थे 
फिर भी, भाई थे 

समझना थोड़ा कठिन था 
बहुत कम थे, जो यह देख पाते थे 

एक दिन एक तूफ़ान आया, और वह बिछड़ गए 
फिर भी, वह भाई थे 

पानी ने एक को बहा दिया, आग ने दूसरे को जला दिया 
वह नहीं रहे, फिर भी, भाई थे 

एक वहाँ चला गया, दूसरा यहां चला आया 
फिर भी, वह भाई थे 

वक़्त गुज़रता गया, पीढ़ियाँन बढ़ती गयी 
फिर भी, वह भाई थे 

आजा भी हैं, कल भी रहेंगे 
हमेशा, वह भाई थे 

पिंड था सरगोधा, या गाऊँ था बिजनौर 
सब थे , और, सब भाई थे 

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